“सेमेस्टर I & II: संविधानिक मूल्य और मौलिक कर्तव्य” एक व्यापक गाइड है, जो छात्रों को भारतीय संविधान के संविधानिक मूल्यों और नागरिकों के मौलिक कर्तव्यों को समझने में मदद करती है। यह पुस्तक विशेष रूप से राजनीतिक विज्ञान और कानून के स्नातक छात्रों के पहले और दूसरे सेमेस्टर के पाठ्यक्रम के लिए तैयार की गई है।
यह पुस्तक निम्नलिखित प्रमुख विषयों को कवर करती है:
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भारतीय संविधान की उद्देश्यिका (Preamble)
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मौलिक अधिकार और नागरिकों की स्वतंत्रताओं की रक्षा में उनका महत्व
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मौलिक कर्तव्य और भारतीय लोकतंत्र के कार्यान्वयन में उनकी भूमिका
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संविधानिक मूल्य और समाज व शासन के लिए उनका महत्व
साफ और सरल भाषा में लिखी गई यह पुस्तक जटिल संविधानिक विषयों को आसान बनाती है। इसमें संबंधित केस स्टडी और वास्तविक जीवन के उदाहरण भी दिए गए हैं, जो इसे छात्रों और सिविल सेवा उम्मीदवारों के लिए एक व्यावहारिक संसाधन बनाते हैं।
मुख्य विशेषताएँ:
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विस्तृत सामग्री: सेमेस्टर I & II का पूरा पाठ्यक्रम कवर करती है।
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आसान भाषा: हिंदी में लिखी गई ताकि हिंदी भाषी छात्रों को बेहतर समझ हो।
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उदाहरणों से समझ: केस स्टडी और वास्तविक जीवन के उदाहरण जो संविधानिक सिद्धांतों को व्यावहारिक बनाते हैं।
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परीक्षा तैयारी के लिए आदर्श: छात्रों के लिए एक उत्कृष्ट संसाधन, जो परीक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं।
इस पुस्तक को क्यों चुने?
“सेमेस्टर I & II: संविधानिक मूल्य और मौलिक कर्तव्य” सिर्फ एक पाठ्यपुस्तक नहीं है—यह भारतीय संविधान पर आधारित उन बुनियादी मूल्यों को समझने का एक उपकरण है, जिन पर भारत की नींव रखी गई है। चाहे आप एक छात्र हों या सिविल सेवा उम्मीदवार, यह पुस्तक किसी भी व्यक्ति के लिए एक अनिवार्य संसाधन है, जो भारतीय संविधान और इसके नागरिकों के अधिकारों और कर्तव्यों को समझना चाहता है।










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